Masik Shivratri 2025 Dates List:मासिक शिवरात्रि 2025 की तिथियों की सुचि, महत्व और पूजा विधि

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हिंदू धर्म में शिवरात्रि का विशेष महत्व है। यह भगवान शिव को समर्पित एक प्रमुख व्रत और उत्सव है। शिवरात्रि का अर्थ है “शिव की रात्रि,” और इसे हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। मासिक शिवरात्रि, भगवान शिव की आराधना और उपासना के लिए एक पवित्र दिन माना जाता … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 49 Shloka 49 | गीता अध्याय 2 श्लोक 49 अर्थ सहित | दुरेण ह्यवरं कर्म बुद्धियोगाद्धञ्जय…..

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse-Shloka 49 – गीता अध्याय 2 श्लोक 49 अर्थ सहित - दुरेण ह्यवरं कर्म बुद्धियोगाद्धञ्जय.....| Festivalhindu.com

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 49 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 49 in Hindi): श्रीमद्भगवद्गीता भारतीय दर्शन का एक अमूल्य ग्रंथ है, जो जीवन के हर पहलू पर मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्म, भक्ति और आत्मज्ञान के महत्व के बारे में अद्भुत शिक्षा दी है। गीता के अध्याय 2 … Read more

Masik Sankashti Chaturthi Dates 2025: वर्ष 2025 में कब-कब है मासिक चतुर्थी व्रत, जाने यह सही तिथियां और चंद्रोदय का समय

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संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है। इसे “संकट चौथ” या “गणेश चतुर्थी” भी कहा जाता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि, समृद्धि एवं सफलता के दाता माना जाता है। संकष्टी चतुर्थी व्रत विशेष रूप से उन भक्तों … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 48 Shloka 48 | गीता अध्याय 2 श्लोक 48 अर्थ सहित | योगस्थः कुरु कर्माणि…..

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse-Shloka 48 – गीता अध्याय 2 श्लोक 48 अर्थ सहित - योगस्थः कुरु कर्माणि.....| Festivalhindu.com

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 48 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 48 in Hindi): यह श्लोक भगवद्गीता के दूसरे अध्याय(Bhagavad Gita Chapter 2 Shloka 48) का एक महत्वपूर्ण भाग है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को कर्मयोग का गूढ़ रहस्य समझाते हैं। इस श्लोक में सफलता-विफलता, सुख-दुख, और जय-पराजय को समान दृष्टि से देखने का उपदेश … Read more

Holi Date 2025: 2025 में होली कब है, यहां जाने सही तारीख

होली 2025

होली का पर्व भारत में दो दिन बड़े ही धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाता है। पहले दिन होलिका दहन होता है, जिसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। इसके अगले दिन रंगवाली होली खेली जाती है, जिसे धुलंडी के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण … Read more

Khatu Shyam Ji Katha:बर्बरीक कौन थे, क्या है बर्बरीक से खाटू श्याम बनने की कथा?

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बर्बरीक कौन थे: खाटू श्याम भगवान का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इन्हें “हारे का सहारा” कहा जाता है, और हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु इनके दर्शन के (barbareek kaun the) लिए राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर की ओर खिंचे चले आते हैं। हालांकि, बहुत कम भक्त जानते हैं कि … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 47 Shloka 47 | गीता अध्याय 2 श्लोक 47 अर्थ सहित | कर्मण्यवाधिकारस्ते मा फलेषु…..

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse-Shloka 47 – गीता अध्याय 2 श्लोक 47 अर्थ सहित - कर्मण्यवाधिकारस्ते मा फलेषु.....| Festivalhindu.com

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 47 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 47 in Hindi): श्रीमद्भगवद्गीता का श्लोक 2.47(Bhagavat Geeta Chapter 2 Shloka 47) “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” हमें जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध कराता है। यह श्लोक केवल एक साधारण उपदेश नहीं, बल्कि कर्मयोग का गहन दर्शन है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को … Read more

Rath Saptami 2025: जानिए रथ सप्तमी 2025 कब है, तिथि और महत्व

रथ सप्तमी

रथ सप्तमी हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। वसंत पंचमी के अगले दिन पड़ने वाला यह त्योहार भगवान सूर्य को समर्पित है। इसे सूर्य जयंती या … Read more

Maha Shivratri 2025:महाशिवरात्रि साल 2025 में कब है, जाने इस पर्व का महत्व, पूजा तिथि और कथा

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महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जो देवों के देव महादेव को समर्पित है। पौराणिक ग्रंथों, वेदों और धर्म शास्त्रों में भगवान शिव के महात्म्य का विस्तृत वर्णन मिलता है। शिव की आराधना हर दिन फलदायी मानी जाती है, लेकिन सोमवार, सावन, शिवरात्रि और विशेष रूप से महा … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 46 Shloka 46 | गीता अध्याय 2 श्लोक 46 अर्थ सहित | यावानर्थ उदपाने सर्वतः…..

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श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 46 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 46 in Hindi): श्रीमद्भगवद्गीता भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक ज्ञान का वह अनमोल ग्रंथ है, जो मानव जीवन के हर पहलू को सरल और सटीक तरीके से समझाता है। गीता का प्रत्येक श्लोक जीवन की किसी गूढ़ समस्या का समाधान प्रस्तुत करता है। श्लोक 2.46, … Read more