Gita Jayanti 2024: इसी तिथि पर हुआ था 5 हजार 161 साल पहले भगवद गीता का जन्म, जाने पूजा की सही तिथि

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धर्म ग्रंथों के अनुसार, मार्गशीर्ष (अगहन) माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का दिव्य ज्ञान प्रदान किया था। यह दिन सनातन धर्म के लिए अत्यंत पवित्र है, क्योंकि इसे श्रीमद्भगवद्गीता के अवतरण का दिन माना जाता है। गीता जयंती 2024 में यह शुभ तिथि 11 दिसंबर को … Read more

Vivah Panchami Vrat Katha 2024: विवाह पंचमी के दिन श्री राम-सीता की इस व्रत कथा को पढ़ने से मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद

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हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को भगवान श्रीराम और माता सीता का पावन विवाह संपन्न हुआ था। यह दिव्य विवाह सनातन धर्म के सबसे पवित्र और आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन को विवाह पंचमी के रूप में पूरे विधि-विधान से मनाया जाता है। … Read more

Shabari Jayanti 2025 Tithi,Mahatva:कब है शबरी जयंती 2025, जाने कहां है शबरी माता का आश्रम जहां आज भी होती है उनकी पूजा

शबरी माता

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष फाल्गुन माह की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती का पर्व मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्री राम की परम भक्त माता शबरी को समर्पित है। शबरी जयंती उनके निस्वार्थ भक्ति भाव और श्रद्धा का प्रतीक है। इस दिन भक्त माता शबरी की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता के … Read more

Bhanu Saptami 2025 Tithi,Mahatva,Upay,Puja Vidhi: कल है साल का आखिरी भानु सप्तमी, जाने तिथि, महत्व और उपाय

Bhanu Saptami 2025

हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का व्रत सूर्यदेव को समर्पित होता है। मान्यता है कि यदि किसी व्यक्ति के जीवन में समस्याएं हो रही हों या कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर हो, तो भानु सप्तमी के दिन सूर्यदेव की पूजा करने से समस्याओं का समाधान हो सकता है। इस वर्ष भानु सप्तमी का व्रत … Read more

Yashoda Jayanti 2025 Tithi, Mahatva:कब है यशोदा जयंती 2025, जाने तिथि और महत्व

यशोदा जयंती

यशोदा जयंती फाल्गुन माह में मनाई जाने वाली एक महत्वपूर्ण तिथि है, जिसे भगवान श्री कृष्ण की पालक माता यशोदा के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से द्वारका, ब्रज, वृंदावन और मथुरा में अत्यंत महत्व रखता है। इस दिन माता यशोदा के प्रति भक्तजन अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 54 Shloka 54 | गीता अध्याय 2 श्लोक 54 अर्थ सहित | स्थित प्रज्ञस्य का भाषा समाधि…..

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse-Shloka 54 – गीता अध्याय 2 श्लोक 54 अर्थ सहित - स्थित प्रज्ञस्य का भाषा समाधि.....| Festivalhindu.com

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 54 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 54 in Hindi): भगवद्गीता, जो सनातन धर्म का अमूल्य ग्रंथ है, मनुष्य के जीवन में ज्ञान, भक्ति और कर्म के महत्व को दर्शाती है। इसके दूसरे अध्याय का श्लोक 2.54 (Bhagavad Gita Chapter 2 Shloka 54) विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें अर्जुन … Read more

पुराणों के अनुसार कौन असुर शिवजी से ही वरदान लेकर उन्हें ही भस्म करना चाहता था?

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हिंदू धर्म में भगवान शिव को भोलेनाथ कहा जाता है। वे अपने भक्तों की भक्ति से जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं और उन्हें मनचाहा वरदान दे देते हैं। लेकिन कई बार उनके इसी स्वभाव के कारण असुरों ने अनुचित वरदान प्राप्त कर, उसका दुरुपयोग किया। यह स्थिति कई बार देवताओं और स्वयं भगवान शिव के … Read more

Shambhu name meaning|भगवान शिव को शंभू क्यों कहते हैं? जानिए उनका यह नाम कैसे जुड़ा है हमारे कल्याण से

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Shambhu name meaning in hindi: भगवान शिव को धार्मिक देवता से अधिक आध्यात्मिक देवता माना जाता है। उनके स्वरूप, नाम और प्रतीकों के पीछे गहरे आध्यात्मिक अर्थ छिपे हुए हैं। शिवजी को “शम्भू” कहा जाता है, जो केवल उनका नाम नहीं है, बल्कि उनकी उत्पत्ति और अस्तित्व का भी गूढ़ व्याख्यान करता है। शम्भू नाम … Read more

Yugal Ghat: इस स्थान पर स्नान किया करते थे राधा-कृष्ण

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वृंदावन के 17 प्रमुख घाटों में से एक, युगल घाट अपनी पौराणिक महिमा और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े होने के कारण अत्यंत प्रसिद्ध है। युगल किशोर मंदिर के पीछे स्थित यह घाट अपने धार्मिक महत्व और अद्भुत अनुभवों के लिए जाना जाता है। मथुरा से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर, यमुना नदी … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 53 Shloka 53 | गीता अध्याय 2 श्लोक 53 अर्थ सहित | श्रुतिविप्रतिपन्ना ते यदा स्थास्यति…..

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse-Shloka 53 – गीता अध्याय 2 श्लोक 53 अर्थ सहित - श्रुतिविप्रतिपन्ना ते यदा स्थास्यति.....| Festivalhindu.com

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 53 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 53 in Hindi): भगवद्गीता के श्लोक 2.53 (Bhagavad Gita Chapter 2 Shloka 53) में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को आत्म-साक्षात्कार और योग की सर्वोच्च अवस्था का मार्ग समझाया है। यह श्लोक हमें उस स्थिति तक पहुँचने की प्रेरणा देता है, जहाँ मनुष्य की बुद्धि और … Read more