कल कौन सा त्यौहार है?
अगर आप 18 अप्रैल 2026 के लिए जानना चाहते हैं, तो हिन्दू पंचांग 2026 के अनुसार कल “चंद्र दर्शन” का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन अमावस्या के बाद चंद्रमा के प्रथम दर्शन का प्रतीक है और इसे बेहद शुभ माना जाता है। कल शनिवार का दिन है, जो शनि देव से जुड़ा विशेष दिन भी है।
अगर आप पूरे साल के त्योहार जानना चाहते हैं, तो हमारा Festival Calendar 2026 देखें, जहां सभी व्रत और पर्व की पूरी जानकारी दी गई है।

कल कौन सा त्यौहार है (Kal Kaun Sa Tyohar Hai)?
कल कौन सा त्यौहार है यह एक ऐसा प्रश्न है जो हर दिन लाखों लोग Google पर सर्च करते हैं। इसका उत्तर जानने के लिए हमें हिन्दू पंचांग देखना होता है।
कल का त्योहार: चंद्र दर्शन (Chandra Darshan)
चंद्र दर्शन क्या है?
- अमावस्या के बाद पहली बार चंद्रमा दिखाई देता है
- इसे नए चंद्र मास की शुरुआत माना जाता है
- इस दिन चंद्र देव की पूजा की जाती है
हिन्दू पंचांग में हर तिथि का विशेष महत्व होता है और चंद्र दर्शन उसी का एक महत्वपूर्ण भाग है।
भारत में त्योहार हिंदू पंचांग, इस्लामिक कैलेंडर और ग्रेगोरियन कैलेंडर के आधार पर बदलते रहते हैं।
कल कौन सा त्यौहार है (Kal Kaun Sa Tyohar Hai) April 18, 2026
2026 में चंद्र दर्शन अप्रैल महीने में पड़ता है।
तारीख: 18 अप्रैल 2026
दिन: शनिवार
तिथि: शुक्ल पक्ष प्रतिपदा
हिन्दू कैलेंडर के अनुसार 18 अप्रैल को चंद्र दर्शन मनाया जाएगा।
अप्रैल 2026 के प्रमुख त्योहार
- 2 अप्रैल – हनुमान जयंती
- 14 अप्रैल – बैसाखी
- 18 अप्रैल – चंद्र दर्शन
- 19 अप्रैल – अक्षय तृतीया
इससे स्पष्ट है कि अप्रैल महीना धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
| तारीख | त्योहार |
|---|---|
| 2 अप्रैल | हनुमान जयंती |
| 3 अप्रैल | गुड फ्राइडे |
| 5 अप्रैल | संकष्टी चतुर्थी, ईस्टर |
| 10 अप्रैल | कालाष्टमी |
| 13 अप्रैल | वरुथिनी एकादशी |
| 14 अप्रैल | बैसाखी, आंबेडकर जयंती |
| 15 अप्रैल | बंगाली नव वर्ष, प्रदोष |
| 16 अप्रैल | कोई त्यौहार नहीं |
| 19 अप्रैल | अक्षय तृतीया , परशुराम जयंती |
| 23 अप्रैल | गंगा सप्तमी |
| 27 अप्रैल | मोहिनी एकादशी |
| 30 अप्रैल | नृसिंह जयंती |
अप्रैल में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व मनाए जाते हैं जैसे हनुमान जयंती, बैसाखी और अक्षय तृतीया।
अगर आप सभी एकादशी व्रत की पूरी सूची देखना चाहते हैं, तो Ekadashi Vrat List 2026 पढ़ें।
अक्षय तृतीया के महत्व और खरीदारी के शुभ मुहूर्त जानने के लिए Akshaya Tritiya 2026 आर्टिकल पढ़ें।
कल कौन सा त्यौहार है – तिथि और मुहूर्त
चंद्र दर्शन का सही समय जानना बेहद जरूरी होता है।
शुभ मुहूर्त:
- चंद्र दर्शन समय: सूर्यास्त के बाद
- अनुमानित समय: शाम 6:30 – 8:30 बजे
- शुभ काल: प्रदोष काल
चंद्रमा का उदय स्थान के अनुसार थोड़ा बदल सकता है, इसलिए स्थानीय पंचांग देखना बेहतर होता है।
प्रदोष व्रत की पूजा विधि और महत्व जानने के लिए Pradosh Vrat Mahatva देखें।
चंद्र दर्शन की पूजा विधि (Step-by-Step)
इस दिन सरल पूजा करने से भी विशेष फल मिलता है।
पूजा विधि:
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें
- घर के मंदिर में दीपक जलाएं
- शाम को चंद्रमा निकलने का इंतजार करें
- चंद्रमा को जल, दूध और अक्षत अर्पित करें
- “ॐ चंद्राय नमः” मंत्र का जाप करें
- प्रसाद (खीर या मिठाई) चढ़ाएं
- परिवार के साथ पूजा पूर्ण करें
यह पूजा मानसिक शांति और धन वृद्धि के लिए लाभकारी मानी जाती है।
अगर आप व्रत और पूजा की विस्तृत जानकारी चाहते हैं, तो Ekadashi Vrat List 2026 और Pradosh Vrat Mahatva भी पढ़ें।
चंद्र दर्शन का महत्व / कथा / इतिहास
चंद्र दर्शन का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और मानसिक दृष्टि से भी है।
धार्मिक महत्व:
- चंद्रमा को मन का कारक माना गया है
- इसकी पूजा से मानसिक शांति मिलती है
- जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है
पौराणिक मान्यता:
मान्यता है कि चंद्र देव भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान हैं, इसलिए इस दिन पूजा करने से शिव कृपा भी प्राप्त होती है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण:
- चंद्रमा का प्रभाव हमारे मन और भावनाओं पर पड़ता है
- इसलिए इस दिन ध्यान और पूजा करना लाभकारी होता है
FAQs – कल कौन सा त्यौहार है?
कल कौन सा त्यौहार है 18 अप्रैल 2026?
उत्तर: कल चंद्र दर्शन का पर्व मनाया जाएगा।
कल कौन सा दिन है?
उत्तर: कल शनिवार है।
चंद्र दर्शन क्यों मनाया जाता है?
उत्तर: यह नए चंद्र मास की शुरुआत और शुभता का प्रतीक है।
क्या चंद्र दर्शन पर व्रत रखना जरूरी है?
उत्तर: नहीं, लेकिन व्रत रखने से अधिक पुण्य मिलता है।
क्या हर महीने चंद्र दर्शन होता है?
उत्तर: हां, हर अमावस्या के बाद चंद्र दर्शन होता है।
चंद्र दर्शन देखने का सही समय क्या है?
उत्तर: सूर्यास्त के बाद चंद्रमा दिखाई देने पर।
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Conclusion (निष्कर्ष)
कल कौन सा त्यौहार है (Kal Kaun Sa Tyohar Hai) का उत्तर है – चंद्र दर्शन। यह दिन नए चंद्र मास की शुरुआत का प्रतीक है और इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन पूजा करने से जीवन में शांति, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।