आज 17 अप्रैल 2026 को भारत में मुख्य रूप से वैशाख अमावस्या मनाई जा रही है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह दिन पितरों की पूजा, दान-पुण्य और स्नान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों से पितृ दोष शांत होता है और जीवन में सुख-शांति आती है।
आज 17 अप्रैल 2026 को वैशाख अमावस्या मनाई जा रही है। यदि आप पूरे साल के व्रत और त्योहार जानना चाहते हैं, तो हमारा Festival Calendar 2026 जरूर देखें।
Aaj Kaun Sa Tyohar Hai (17 अप्रैल 2026)?

“Aaj Kaun Sa Tyohar Hai” एक ऐसा सर्च क्वेरी है, जिसे लोग रोजाना गूगल पर खोजते हैं ताकि वे आज के व्रत, पर्व और खास दिन के बारे में जान सकें।
भारत में हर दिन कोई न कोई त्योहार या धार्मिक तिथि होती है, जो हिंदू पंचांग के अनुसार तय होती है। इस जानकारी में शामिल होता है:
- आज की तिथि (तिथि, नक्षत्र, योग)
- आज का व्रत या त्योहार
- शुभ मुहूर्त और राहुकाल
- पूजा विधि और महत्व
यही कारण है कि “today festival in india” सर्च का ट्रेंड बहुत ज्यादा है।
Aaj Kaun Sa Tyohar Hai? 17 अप्रैल 2026 (शुक्रवार):
आज 17 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को निम्नलिखित प्रमुख त्योहार हैं:
- वैशाख अमावस्या
2026 में आने वाले अन्य महत्वपूर्ण व्रत जानने के लिए आप हमारी Ekadashi Vrat List 2026 भी पढ़ सकते हैं।
आज कौन सा त्यौहार है? – तिथि और मुहूर्त
| विवरण | जानकारी |
|---|
| तिथि | वैशाख अमावस्या |
| वार | शुक्रवार |
| सूर्योदय | सुबह लगभग 6:00 बजे |
| सूर्यास्त | शाम लगभग 6:45 बजे |
| अमावस्या प्रारंभ | 16 अप्रैल रात (लगभग) |
| अमावस्या समाप्त | 17 अप्रैल शाम तक |
| स्नान-दान का समय | सूर्योदय से दोपहर तक |
पंचांग के अनुसार इस दिन त्रयोदशी और चतुर्दशी दोनों तिथियों का प्रभाव रहता है, जिससे शिव पूजा और भी विशेष हो जाती है।
पूजा विधि (Step-by-Step)
वैशाख अमावस्या के दिन पूजा विधि बहुत सरल लेकिन प्रभावशाली होती है।
1. 1. प्रातः स्नान
सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
2. सूर्य देव को अर्घ्य
स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें और मन ही मन प्रार्थना करें।
पितरों का तर्पण
- तिल और जल से पितरों का तर्पण करें
- पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करें
4. दान-पुण्य
गरीबों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें गाय, कौआ और कुत्ते को भोजन देना शुभ माना जाता है
भगवान विष्णु और शिव पूजा
- दीप जलाकर भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा करें
- मंत्र जाप करें
6. व्रत नियम
- फलाहार करें
- अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत खोलें
मासिक शिवरात्रि की विस्तृत पूजा विधि और कथा जानने के लिए Shivratri Vrat Katha जरूर पढ़ें।
महत्व / कथा / इतिहास
वैशाख अमावस्या का धार्मिक महत्व
वैशाख अमावस्या को हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इस दिन:
- पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण किया जाता है
- दान करने से कई गुना पुण्य प्राप्त होता है
- पितृ दोष से मुक्ति मिलती है
पौराणिक कथा
मान्यता है कि अमावस्या के दिन पितरों की आत्माएं पृथ्वी पर आती हैं और अपने वंशजों से तर्पण और श्राद्ध की अपेक्षा करती हैं। जो व्यक्ति इस दिन श्रद्धा से पितरों को तर्पण करता है, उसके जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहती है।
Today Festival in India – भारत में त्योहारों की खासियत
भारत में हर दिन कोई न कोई त्योहार होता है, जो इसकी सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।
प्रमुख विशेषताएं:
- हर राज्य का अलग त्योहार
- हर धर्म का अपना पर्व
- एकता और भाईचारे का प्रतीक
इसलिए “today festival in india” जानना केवल जानकारी नहीं बल्कि संस्कृति से जुड़ाव भी है।
FAQs – आज कौन सा त्यौहार है
Q1. आज कौन सा त्यौहार है (17 अप्रैल 2026)?
आज वैशाख अमावस्या मनाई जा रही है।
Q2. वैशाख अमावस्या का क्या महत्व है?
यह पितरों की शांति और दान-पुण्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है।
Q3. अमावस्या के दिन क्या करना चाहिए?
स्नान, दान और पितरों का तर्पण करना चाहिए।
Q4. Aaj kaun sa tyohar hai कैसे रोज जानें?
आप डेली अपडेटेड ब्लॉग या हिंदू पंचांग से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Q5. क्या इस दिन व्रत रखना जरूरी है?
व्रत रखना आवश्यक नहीं, लेकिन रखने से अधिक पुण्य मिलता है।
Q6. इस दिन कौन से उपाय करने चाहिए?
तिल दान, जल तर्पण और गरीबों को भोजन कराना शुभ होता है।
Conclusion (निष्कर्ष)
“आज कौन सा त्यौहार है (Aaj Kaun Sa Tyohar Hai)” जानना हमें अपनी संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ता है।
17 अप्रैल 2026 को वैशाख अमावस्या का पावन दिन है, जो पितरों की शांति और पुण्य कमाने का विशेष अवसर प्रदान करता है।
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ॐ शांति