Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 19 Shloka 19 | गीता अध्याय 2 श्लोक 19 अर्थ सहित | य एनं वेत्ति हन्तारं…..

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse-Shloka 19 – गीता अध्याय 2 श्लोक 19 अर्थ सहित - य एनं वेत्ति हन्तारं.....| Festivalhindu.com

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 12 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 19 in Hindi): भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन और मृत्यु के गूढ़ रहस्यों से अवगत कराया है। श्लोक 2.19(Bhagavad Gita Chapter 2 Shloka 19) में, श्रीकृष्ण आत्मा की अमरता और शाश्वतता का महत्व समझाते हैं। यह श्लोक न केवल युद्ध … Read more

Shri Hari Stotram Lyrics: श्री हरि स्तोत्रम्- जगज्जालपालं चलत्कण्ठमालं…

श्री हरि

श्री हरि स्तोत्रम् हिंदू धर्म के प्रमुख देवता भगवान विष्णु की स्तुति करने के लिए रचित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। विष्णु को सृष्टि के पालनहार के रूप में पूजा जाता है, और वे त्रिदेवों में से एक हैं। उनके कार्यों का वर्णन करते हुए अनेक स्तोत्र रचे गए हैं, जो न केवल उनकी महिमा का … Read more

Maa Shailputri Aarti Lyrics in Hindi | मां शैलपुत्री आरती PDF | ॐ जय शैलपुत्री माता | Om jai shailputri Mata Aarti

मां शैलपुत्री

Last Updated: 29 March 2025 Maa Shailputri Aarti Lyrics in Hindi: मां शैलपुत्री(Maa Shailputri), जो मां पार्वती का ही एक स्वरूप मानी जाती हैं, देवी दुर्गा के नौ प्रमुख रूपों में से प्रथम हैं। नवरात्रि के पहले दिन इनकी पूजा-अर्चना की जाती है। इनका नाम ‘शैलपुत्री’ इसीलिए पड़ा क्योंकि ये पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। … Read more

Shri Radha Kripa Kataksh Stotra Lyrics:राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र- मुनीन्द्र–वृन्द–वन्दिते त्रिलोक–शोक–हारिणि…

राधा कृपा कटाक्ष

राधा कृपा कटाक्ष स्तोत्र की रचना महाकवि रूप गोस्वामी जी ने की थी, जो भक्तों में बहुत ही लोकप्रिय है। यह स्तोत्र भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य प्रेमिका और शक्ति, राधा रानी की महिमा का गुणगान करता है। इसके माध्यम से भक्त राधा रानी से अपने जीवन में कृपा दृष्टि और दैवीय प्रेम की कामना करते … Read more

Hartalika Teej 2024 :हरतालिका तीज के दिन महिलाएं क्यों करती हैं 16 श्रृंगार? जाने श्रृंगार में कौन सी चीज़ होती है शामिल और उनका महत्व

हरतालिका तीज

हरतालिका तीज एक प्रमुख हिन्दू पर्व है, जिसे विशेष रूप से महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सौभाग्य की कामना के लिए मनाती हैं। इस साल हरतालिका तीज का व्रत 6 सितंबर, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा । इस दिन 16 श्रृंगार करने का विशेष महत्व होता है। श्रृंगार सिर्फ सौंदर्य प्रदर्शन का साधन … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 18 Shloka 18 | गीता अध्याय 2 श्लोक 18 अर्थ सहित | अन्तवन्त इमे देहा…..

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श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 12 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 18 in Hindi): भगवद गीता, जो जीवन के गूढ़ रहस्यों और आध्यात्मिक ज्ञान का असीम भंडार है, हमें आत्मा, शरीर, और कर्तव्य के संबंध में महत्वपूर्ण शिक्षा देती है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन के वास्तविक स्वरूप को समझाने के लिए जो … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 17 Shloka 17 | गीता अध्याय 2 श्लोक 17 अर्थ सहित | अविनाशि तु तद्विद्धि येन…..

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse-Shloka 17 – गीता अध्याय 2 श्लोक 17 अर्थ सहित - अविनाशि तु तद्विद्धि येन…..| Festivalhindu.com

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 17 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 17 in Hindi): श्रीमद्भगवद्गीता हिंदू धर्म का एक प्रमुख ग्रंथ है, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहन और व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। इसमें आत्मा, शरीर, कर्म, धर्म और मोक्ष जैसे विषयों पर विचार किया गया है। गीता के दूसरे अध्याय के 17वें … Read more

Radha Ashtami 2024 :क्यों मनाते हैं राधा अष्टमी? जाने इस त्यौहार से जुड़े कुछ खास बातें

राधा अष्टमी

राधा अष्टमी, हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार है, जिसे श्री राधा जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि राधा जी को भगवान श्रीकृष्ण की परम प्रिया और अनन्य भक्त के रूप में पूजा जाता है। राधा अष्टमी का पर्व, भगवान श्रीकृष्ण के साथ … Read more

Hawan Yagya Prarthana: हवन यज्ञ प्रार्थना- पूजनीय प्रभो हमारे…

हवन यज्ञ प्रार्थना

हवन और यज्ञ हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान हैं, जिन्हें अनादि काल से विभिन्न धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए किया जाता रहा है। हवन और यज्ञ का उद्देश्य न केवल देवताओं को प्रसन्न करना है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में शांति, समृद्धि, और आध्यात्मिक उन्नति लाना भी है। इन अनुष्ठानों में अग्नि … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 16 Shloka 16 | गीता अध्याय 2 श्लोक 16 अर्थ सहित | नासतो विद्यते भावो नाभावो…..

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse-Shloka 16 – गीता अध्याय 2 श्लोक 16 अर्थ सहित - नासतो विद्यते भावो नाभावो..... | Festivalhindu.com

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 16 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 16 in Hindi): भगवद्गीता, जो कि महाभारत के भीष्म पर्व का एक हिस्सा है, विश्वभर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ के रूप में प्रतिष्ठित है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेशों का संग्रह है, जिसमें जीवन, मृत्यु, धर्म, और कर्तव्य … Read more