Hartalika Teej 2024 :हरतालिका तीज के दिन महिलाएं क्यों करती हैं 16 श्रृंगार? जाने श्रृंगार में कौन सी चीज़ होती है शामिल और उनका महत्व

हरतालिका तीज

हरतालिका तीज एक प्रमुख हिन्दू पर्व है, जिसे विशेष रूप से महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सौभाग्य की कामना के लिए मनाती हैं। इस साल हरतालिका तीज का व्रत 6 सितंबर, शुक्रवार के दिन रखा जाएगा । इस दिन 16 श्रृंगार करने का विशेष महत्व होता है। श्रृंगार सिर्फ सौंदर्य प्रदर्शन का साधन … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 18 Shloka 18 | गीता अध्याय 2 श्लोक 18 अर्थ सहित | अन्तवन्त इमे देहा…..

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श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 12 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 18 in Hindi): भगवद गीता, जो जीवन के गूढ़ रहस्यों और आध्यात्मिक ज्ञान का असीम भंडार है, हमें आत्मा, शरीर, और कर्तव्य के संबंध में महत्वपूर्ण शिक्षा देती है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन के वास्तविक स्वरूप को समझाने के लिए जो … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 17 Shloka 17 | गीता अध्याय 2 श्लोक 17 अर्थ सहित | अविनाशि तु तद्विद्धि येन…..

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श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 17 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 17 in Hindi): श्रीमद्भगवद्गीता हिंदू धर्म का एक प्रमुख ग्रंथ है, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं पर गहन और व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। इसमें आत्मा, शरीर, कर्म, धर्म और मोक्ष जैसे विषयों पर विचार किया गया है। गीता के दूसरे अध्याय के 17वें … Read more

Radha Ashtami 2024 :क्यों मनाते हैं राधा अष्टमी? जाने इस त्यौहार से जुड़े कुछ खास बातें

राधा अष्टमी

राधा अष्टमी, हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार है, जिसे श्री राधा जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि राधा जी को भगवान श्रीकृष्ण की परम प्रिया और अनन्य भक्त के रूप में पूजा जाता है। राधा अष्टमी का पर्व, भगवान श्रीकृष्ण के साथ … Read more

Hawan Yagya Prarthana: हवन यज्ञ प्रार्थना- पूजनीय प्रभो हमारे…

हवन यज्ञ प्रार्थना

हवन और यज्ञ हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान हैं, जिन्हें अनादि काल से विभिन्न धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए किया जाता रहा है। हवन और यज्ञ का उद्देश्य न केवल देवताओं को प्रसन्न करना है, बल्कि व्यक्ति के जीवन में शांति, समृद्धि, और आध्यात्मिक उन्नति लाना भी है। इन अनुष्ठानों में अग्नि … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 16 Shloka 16 | गीता अध्याय 2 श्लोक 16 अर्थ सहित | नासतो विद्यते भावो नाभावो…..

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse-Shloka 16 – गीता अध्याय 2 श्लोक 16 अर्थ सहित - नासतो विद्यते भावो नाभावो..... | Festivalhindu.com

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 16 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 16 in Hindi): भगवद्गीता, जो कि महाभारत के भीष्म पर्व का एक हिस्सा है, विश्वभर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ के रूप में प्रतिष्ठित है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेशों का संग्रह है, जिसमें जीवन, मृत्यु, धर्म, और कर्तव्य … Read more

Gayatri Mata Ki Aarti Lyrics :गायत्री माता की आरती -जयति जय गायत्री माता…

गायत्री माता

गायत्री माता को हिंदू धर्म में वेदों की माता और सभी देवताओं की शक्ति के रूप में पूजा जाता है। गायत्री मंत्र, जो संसार का सबसे पवित्र मंत्र माना जाता है, गायत्री माता को समर्पित है। इस मंत्र के माध्यम से लोग ज्ञान, शुद्धि, और आत्मिक उन्नति की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करते हैं। गायत्री … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 15 Shloka 15 | गीता अध्याय 2 श्लोक 15 अर्थ सहित | यं हि न व्यथयन्त्येते पुरुषं…..

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse-Shloka 15 – गीता अध्याय 2 श्लोक 15 अर्थ सहित - यं हि न व्यथयन्त्येते पुरुषं.....| Festivalhindu.com

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 15 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 15 in Hindi): भगवद गीता के श्लोक 2.15 (Bhagavad Gita Chapter 2 Shloka 15) में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को एक महत्वपूर्ण जीवन की सीख दी है। यह श्लोक न केवल अर्जुन के लिए बल्कि हम सभी के लिए जीवन में आने वाले कठिनाइयों … Read more

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 14 Shloka 14 | गीता अध्याय 2 श्लोक 14 अर्थ सहित | मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय…..

Bhagavad Gita Chapter 2 Verse-Shloka 14 – गीता अध्याय 2 श्लोक 14 अर्थ सहित - मात्रास्पर्शास्तु कौन्तेय.....| Festivalhindu.com

श्रीमद् भागवत गीता अध्याय 2 श्लोक 14 (Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 14 in Hindi): श्रीमद्भगवद्गीता में निहित ज्ञान के अनेक श्लोक जीवन के विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण शिक्षाएँ प्रदान करते हैं। इन्हीं में से एक श्लोक 2.14(Bhagavad Gita Chapter 2 Verse 14) है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन के सुख-दुःख और शीत-उष्णता के … Read more

Shri Yugalkishor Ki Aarti Lyrics: युगलकिशोर की आरती- आरती युगलकिशोर की कीजै…

युगलकिशोर

युगलकिशोर, जिन्हें राधा-कृष्ण के दिव्य युगल के रूप में पूजा जाता है, हिंदू धर्म में प्रेम, भक्ति, और दिव्यता के प्रतीक माने जाते हैं। राधा और कृष्ण की जोड़ी को अनंत प्रेम का प्रतीक माना जाता है, और इनकी आरती भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान है। युगलकिशोर की आरती के माध्यम से भक्तजन … Read more