चंद्र ग्रहण 2026: जब भी किसी महीने में पूर्णिमा तिथि आती है, तो लोगों के मन में सबसे पहला सवाल यही उठता है कि क्या इस दिन चंद्र ग्रहण लगेगा या नहीं। (Chandra Grahan 2026 Date) पूर्णिमा का सीधा संबंध चंद्रमा से होता है और चंद्र ग्रहण भी केवल पूर्णिमा के दिन ही घटित होता है, इसी कारण हर पूर्णिमा से पहले इसे लेकर खोजबीन और चर्चा तेज हो जाती है।
(saal 2026 ka pehla chandra grahan kab) वर्ष 2026 की शुरुआत में 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा मनाई जा रही है, ऐसे में स्वाभाविक है कि श्रद्धालुओं और ज्योतिष में रुचि रखने वाले लोगों के मन में यह प्रश्न उत्पन्न हो कि क्या इस दिन चंद्र ग्रहण का साया रहेगा या नहीं।

धार्मिक मान्यताओं में चंद्र ग्रहण का महत्व
हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को सामान्य खगोलीय घटना के साथ-साथ धार्मिक दृष्टि से भी देखा जाता है। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण काल के दौरान नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं, इसलिए इस समय शुभ और मांगलिक कार्यों को करने से बचने की परंपरा रही है। यही कारण है कि ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ, विवाह, गृह प्रवेश जैसे कार्य वर्जित माने जाते हैं। साथ ही ग्रहण काल में भोजन ग्रहण करना और बिना कारण घर से बाहर निकलना भी उचित नहीं माना जाता। इन मान्यताओं के कारण जब भी पूर्णिमा आती है, तो लोगों के मन में ग्रहण को लेकर आशंका बनी रहती है।
क्या हर पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण होता है
यह स्पष्ट रूप से समझना जरूरी है कि चंद्र ग्रहण भले ही केवल पूर्णिमा के दिन ही लगता हो, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि हर पूर्णिमा पर ग्रहण अवश्य होगा। चंद्र ग्रहण एक विशेष खगोलीय स्थिति में ही संभव होता है, जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। यह स्थिति हर महीने नहीं बनती। इसी कारण वर्ष में केवल कुछ ही पूर्णिमाओं पर चंद्र ग्रहण दिखाई देता है।
क्या पौष पूर्णिमा 2026 पर चंद्र ग्रहण लगेगा
सबसे पहले पौष पूर्णिमा 2026 को लेकर फैली शंकाओं को दूर कर लेना आवश्यक है। पौष पूर्णिमा 3 जनवरी 2026, शनिवार के दिन मनाई जाएगी। इस दिन किसी भी प्रकार का चंद्र ग्रहण नहीं लग रहा है। अतः श्रद्धालु बिना किसी भय या संशय के इस पावन तिथि पर स्नान, दान और पूजा-पाठ कर सकते हैं। पौष पूर्णिमा का दिन वैसे भी स्नान-दान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है और ग्रहण न होने के कारण इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
पौष पूर्णिमा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
पौष पूर्णिमा का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। इस दिन गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। दान-पुण्य, जप-तप और व्रत करने से मन और आत्मा की शुद्धि मानी जाती है। चूंकि 3 जनवरी 2026 को कोई चंद्र ग्रहण नहीं है, इसलिए इस दिन किए गए सभी धार्मिक कार्य पूर्ण फलदायी माने जाएंगे।
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण कब लगेगा
यदि पौष पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण नहीं है, तो अब यह जानना स्वाभाविक है कि वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण कब लगेगा। वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगेगा। यह दिन धार्मिक दृष्टि से भी खास है, क्योंकि इसी दिन छोटी होली और होलिका दहन का पर्व मनाया जाएगा। खगोलीय दृष्टि से यह एक महत्वपूर्ण घटना होगी, क्योंकि यह पूर्ण चंद्र ग्रहण रहेगा।
3 मार्च 2026 चंद्र ग्रहण का समय और अवधि
3 मार्च 2026 को लगने वाला चंद्र ग्रहण दोपहर 2 बजकर 16 मिनट पर प्रारंभ होगा और शाम 7 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण आंशिक रूप से दिखाई देगा। भारतीय समयानुसार चंद्र ग्रहण का दृश्य प्रभाव शाम 6 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इस प्रकार भारत में लगभग 20 मिनट तक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।
भारत में सूतक काल की मान्यता
चूंकि 3 मार्च 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य होगा। सूतक काल ग्रहण से लगभग 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है। इस चंद्र ग्रहण के लिए सूतक काल सुबह 9 बजकर 39 मिनट से शुरू होकर ग्रहण समाप्ति यानी शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रखे जाते हैं और शुभ कार्य स्थगित कर दिए जाते हैं।
चंद्र ग्रहण के विभिन्न चरण
3 मार्च 2026 के चंद्र ग्रहण में उपच्छाया और प्रच्छाया दोनों चरण देखने को मिलेंगे। उपच्छाया का पहला स्पर्श दोपहर 2 बजकर 16 मिनट पर होगा, जबकि प्रच्छाया का पहला स्पर्श 3 बजकर 21 मिनट पर माना गया है। खग्रास ग्रहण की शुरुआत 4 बजकर 35 मिनट पर होगी और परमग्रास की स्थिति 5 बजकर 4 मिनट पर बनेगी। इसके बाद खग्रास ग्रहण 5 बजकर 33 मिनट पर समाप्त होगा और अंततः प्रच्छाया तथा उपच्छाया के अंतिम स्पर्श के साथ ग्रहण पूर्ण रूप से समाप्त हो जाएगा।
पौष पूर्णिमा 2026 को लेकर जो भ्रम बना हुआ था, वह पूरी तरह स्पष्ट है कि 3 जनवरी 2026 को कोई चंद्र ग्रहण नहीं लग रहा है। इस दिन श्रद्धालु निश्चिंत होकर स्नान-दान और पूजा कर सकते हैं। वहीं वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगेगा, जो भारत में दिखाई देगा और पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा। सही जानकारी के अभाव में अक्सर अनावश्यक भ्रम फैल जाता है, लेकिन पंचांग और खगोलीय तथ्यों के आधार पर सही तिथि और समय जानकर ही धार्मिक निर्णय लेना सबसे उचित माना जाता है।
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